Ravi Bhushan Next Venture A Multi Starrer Project
अब मल्टीस्टारर फ़िल्म लेकर आ रहे हैं रवि भूषण भोजपुरी फ़िल्म जगत में एक दर्जन से भी अधिक फिल्मो का लेखन , निर्देशन कर चुके रवि भूषण अब लेकर आ रहे हैं एक मल्टी स्टारर फ़िल्म । सात अभिनेता , पांच अभिनेत्री और चार खलनायको वाली फिल्म का हालांकि अभी नाम तय नही हुआ है पर इस फ़िल्म की शुरुआत पूजा अर्चना के साथ रक्षा बंधन पर कर दी गई है । रवि भूषण ने बताया कि उनकी यह फ़िल्म सामाजिक सरोकार पर आधारित होगी जिसमें देशभक्ति का अलख जगाने वाले संदेश भी होंगे । उल्लेखनीय है कि भोजपुरी फ़िल्म जगत में रवि भूषण की गिनती सार्थक फिल्मो के निर्देशक के रूप में होती है । उनकी पिछली फिल्म तेरे जइसा यार कहाँ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा व्यवसाय किया था और बिहार के सीतामढ़ी में पचास...
Read MoreMain Sahara Bandh Ke Angua – First Look Released
भोजपुरी फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ का फर्स्ट लुक आउट अनिल काबरा और प्रदीप सिंह निर्मित भोजपुरी फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ का फर्स्ट लुक आउट हो गया। फिल्म के आज जारी हुए पोस्टर बहुत हद तक फिल्म के कहानी को जस्टिफाई करती है। इंडिया ई-कॉमर्स लिमिटेड व ग्रीन चिल्ली मीडिया एंड फिल्म्स प्रा. लि. के बैनर तले बनी यह फिल्म अभी पोस्ट प्रोडक्शन के अंतिम दौर में है और यह इस दशहरे पर रिलीज होगी। ये जानकारी खुद निर्माता अनिल काब काबरा और प्रदीप सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि फेमस म्यूजिक डायरेक्टर से निर्देशन की क्षेत्र में आए रजनीश मिश्रा इस फिल्म से भोजपुरिया माटी की सुंगध को में बिखरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आउंगा’ में एक बार फिर खेसारीलाल यादव और काजल राघवानी से रजनीश मिश्रा इश्क लड़वायेंगे। वे इससे पहले ब्लॉक बस्टर फिल्म ‘मेंहदी...
Read MoreBalma Raangrasiya Releasing Shortly
अंतिम चरण में “बलमा रंगरसिया”,जल्द ही होगी रिलीज भोजपुरी सिने जगत में इनदिनो फ़िल्म “बलमा रंगरसिया” चर्चा का विषय बना हुआ है। फ़िल्म के जरिये नवोदित “सुंदरम”भोजपुरी फिल्मो में पदार्पण करने वाले हैं। ट्रेड के लोगो के साथ भोजपुरी दर्शक भी इस अभिनेता को देखने के लिए बेताब है और फ़िल्म के प्रदर्शन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। गांधी एंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म का प्रदर्शन अगले माह बिहार झारखंड के सर्वाधिक थिएयरों में किया जाएगा। फ़िल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम जोड़ शोर से चल रहा है। फ़िल्म से जुड़े सूत्रों की माने तो पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य अंतिम चरण में है और लीगल कार्यों को निबटा कर फ़िल्म को दशहरा के मौके पर रिलीज करने की तैयारी जोर शोर से चल रही हैै। फ़िल्म के निर्माता विश्वनाथ पोद्दार हैं। इनके अनुसार फ़िल्म में...
Read MoreRamakant Prasad & Prince Rajput Teamed Again After Mission Pakistan
’मिशन पाकिस्तान’ के बाद ’रमाकांत प्रसाद’ और ’प्रिन्स राजपूत’ फिर एक साथ भोजपुरी सिनेमा के जानेमाने फिल्म निर्देशक व संगीतकार ’रमाकांत प्रसाद’ और वर्सेटाइल सिनेस्टार ’प्रिन्स राजपूत’ भोजपुरी फिल्म ’मिशन पाकिस्तान’ के बाद एक बार फिर एक साथ एक नयी फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। ज्वलंत मुद्दे पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के बीच काफी रोमांच पैदा करने वाली है। ’प्रोडक्शन नं० 1’ के नाम से निर्मित की जाने वाली इस फिल्म की शूटिंग शीघ्र ही लखनऊ के मनोरम व पर्यटक स्थलों पर की जाएगी। केंद्रीय भूमिका में भोजपुरी सिनेमा की युगल जोड़ी सिनेस्टार प्रिन्स राजपूत और सिनेतारिका रूपा सिंह दर्शकों का खूब मनोरंजन करने वाले हैं। विदित हो कि वर्सेटाइल सिनेस्टार प्रिन्स राजपूत ने अब तक जितनी भी फिल्में की हैं, उन सभी फिल्मों में उनके वर्सेटाइल अभिनय की खूब तारीफ हुई है। सिनेमा के रुपहले...
Read MoreK. Tandon appreciated In Film Murbakan By Cinegoers – Anil Bedag
परदे पर दिखने लगा केके टंडन का दमखम-अनिल बेदाग- एक दौर था जब फिल्म इंडस्ट्री में अनिवासी भारतीय कलाकारों का जलवा था। फिल्मों के विषय भी ऐसे थे जिनमें एनआरआई आर्टिस्ट के लिए काफी स्कोप रहता था। वे किसी न किसी रूप में फिल्मों का हिस्सा बने रहते थे, पर इन दिनों परदे पर मेल एनआरआई आर्टिस्ट्स बहुत कम देखने को मिल रहे हैं जबकि फीमेल्स को अच्छा स्क्रीन स्पेस मिल रहा है। वे आइटम गर्ल के तौर पर भी दिखाई दे रही हैं। यहां हम बात करेंगे एक ऐसे आर्टिस्ट की जिसने अपने दमदार अभिनय से यहां अपनी मौजूदगी को कायम रखा है और वो हैं कृष्ण कुमार टंडन, जिन्हें बॉलीवुड में केके के रूप में भी पहचान मिली है। केके टंडन को दर्शकों ने हाल ही में प्रदर्शित फिल्म मुबारकां में भी देखा है। 1972 मे दिल्ली...
Read MoreMusic Director Shravan Comes Forward To save the forgoton Music Shaili Dhrupad
ध्रुपद को बचाने के लिए आगे आए संगीतकार श्रवण -अनिल बेदाग- मुंबईः ध्रुपद में रसात्मकता है, भावनात्मकता है, लयात्मकता है। धु्प्रद से ही संगीत की विविध शैलियों का जन्म हुआ है, लेकिन गंभीर चिंता का विषय यह है कि ध्रुपद आज अस्तित्व खो रहा है। अगर इसे बचाने के प्रयास नहीं किए गए, तो शास्त्रीय संगीत को जन्म देने वाली संगीत की यह शैली लुप्त हो जाएगी। ध्रुपद गायकी को बचाने के ही प्रयासों के तहत मुंबई के एस्कॉन मंदिर में दो दिन के लिए ध्रुपद महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर दुनिया भर में ध्रुपद गायन का विस्तार करने वाले सुखदेव चतुर्वेदी ने ध्रुपद की कई बंदिशों को श्रोताओं के सामने पेश किया। ध्रुपद जैसी महान गायकी पर आए संकट को लेकर वह कहते हैं कि आज हर गायक शॉर्टकट तरीके से चर्चित होना चाहता है। वह...
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